Sunday, October 18, 2009

दिल चाहता है ......

हर शब्द, हर भाव
तेरे सम्मुख रख दू
कोई राज न बाकि रहे
दिल चाहता है .........

तेरी दोस्ती
मेरी शक्ति बने
शक्ति का तुम
विस्तार हो
जीवन के हर मार्ग में
तुम
रौशनी का आधार हो
दिल चाहता है .........

तुमसे कुछ नही चाहती
इसके सिवा
डोर बातो का उम्र भर
चलता रहे
में कहू कुछ , कुछ भी
दिल से कोई सुनता रहे
दिल चाहता है .............
तुम चलते रहो
में तुम्हे रोकती नही
मंजिलो की तलाश में
में टोकती भी नही
किसी भी मुकाम पर
तुम
पलट कर मुझे देख लो
दिल चाहता है ...........


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