Tuesday, October 20, 2009

आरजू

तुम मुझे
अपने विश्वास का
ऐसा
सहारा मत दो

जो किन्ही
मुश्किल घडियों में
मुझे प्रेरित करे
तेरा साथ दूंद लेने को

मत दो
कोई अधिकार ऐसा
दोस्ती में
जो ख़ुद
मेरे अन्तेर्मन को
डराने लगे
हो सके तो
अकेले चलने का
सबक देना
पर दोस्ती का हाथ
छोड़ना नही
क्योकि दोस्ती
आधार है
जीवन का विश्वास का ।

1 comment:

  1. क्योकि दोस्ती
    आधार है
    जीवन का विश्वास का ।
    सही परिभाषित किया है आपने दोस्ती को !

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