Sunday, October 18, 2009

दिल चाहता है .......

जाना है ये
इंसान बड़ा मजबूर हैं
मेरी मंजिले
तेरे रास्तो से दूर है
तो क्या हुआ
तुम
मन की राह मे
साथ रहो
खामोश मै सुनती रहू
तुम कहते रहो
दिल चाहता है ........
दोस्त ।

मेरे ब्लॉग को पढने वाले दोस्तों को दिल से शुक्रिया , युही साथ रहना ............

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